Monday, January 11, 2016

''नारी का अंतर्मन '' - मीरा


''नारी का अंतर्मन'' 1 

कृष्ण की दीवानी मीरा जब कहती –मेरो तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई , जाके सिर  मोर मुकुट मेरो पति सोई || जिसे न देखा, न मुलाक़ात की, न बात की उसके लिए शिद्दत से इतनी चाह | यह सब मीरा के लिए ही संभव था , जिसने प्रेम के मर्म को समझा | अपनी सहज, सरल अभिव्यक्ति के माध्यम से शब्दों की ऐसी भाव रूपी माला पिरोती हैं कि आज भी जन-जन की लोकप्रिय बनी हुई हैं | मीरा का प्रेम , मीरा का विरह, मीरा की टीस ने उन्हें अमर बना दिया | मीरा के प्रेम रूपी पीड़ा का माध्यम , अंतर्मन में उपजी वह स्वाभाविक शब्दों की लड़ी थी जिसे पदों में उद्धृत किया और साहित्य के आकाश में मीरा नाम रूपी एक ध्रुव तारा बनकर चमकने लगी तभी तो गरल भी उनके लिए सुधा बनने को मजबूर हो गया | एक सुकुमारी रूपसी, एक लावण्यमयी नारी जिसके रोम-रोम में प्रेम का सोता बह रहा हो उसे भला ये निष्ठुर राजा –महाराजा  क्या समझेंगे | नारी के अंतर्मन को स्वयं नारी ही आज तक जान न सकी पहचान न सकी तो पुरुषों की क्या बिसात |वैसे भी हमारे कुछ ऐसे रीति रिवाज़ हैं जो धर्म के नाम पर भय पैदा करवाते हैं मगर प्रेम की दीवानी मीरा कृष्ण के प्रति अंतर्मन से समर्पित थी | वह दीन-दुनिया रीति–रिवाज़ से परे थी |
शकुंतला तरार 
shakuntalatarar7@gmail.com

Sunday, January 10, 2016

मुक्तक -" मुझको "


मुक्तक -" मुझको "


Saturday, January 9, 2016

मुक्तक--''डरता हूँ''


एक मुक्तक--''डरता हूँ ''


Friday, January 8, 2016

मुक्तक-'' क्या कहूँ ''

मुक्तक-'' क्या कहूँ ''

Thursday, January 7, 2016

मुक्तक --'' संवर जाओगे ''

नए साल की पहली रचना 

मुक्तक --'' संवर जाओगे ''




Friday, January 1, 2016

“श्वेता तरार निर्देशित सांस्कृतिक कार्यक्रम को 25,000/रूपये का पुरस्कार”




“श्वेता तरार निर्देशित सांस्कृतिक कार्यक्रम को 25,000/रूपये का पुरस्कार”
मनेन्द्रगढ़/ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे एवं केन्द्रीय विद्यालय मनेन्द्रगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नागरिक सुरक्षा शिविर के समापन समारोह अवसर पर द.पू.म. रेलवे के महाप्रबंधक श्री सत्येन्द्र कुमार जी के मुख्य आतिथ्य एवं विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती नम्रता प्रसाद के विशिष्ट आतिथ्य में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया |
कार्यक्रम में श्वेता तरार के कुशल निर्देशन में स्कूली छात्र छात्राओं द्वारा स्वागत गीत, बोडो नृत्य के अलावा हितोपदेश नृत्य नाटिका की अद्भुत प्रस्तुति की गई, जिससे प्रभावित होकर मुख्य अतिथि द.पू.म. रेलवे के महाप्रबंधक श्री सत्येन्द्र कुमार जी के द्वारा 25,000 रूपये की राशि ईनाम स्वरूप प्रदान किया गया | उक्त अवसर पर रेल्वे के अधिकारी, नागरिक सुरक्षा बल के आधिकारी एवं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति प्रस्तुति, नगर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति  उल्लेखनीय रही |