Wednesday, February 26, 2014
Monday, February 17, 2014
Monday, February 10, 2014
गीत-- भारत की नारियों
एक जागरण गीत आप सब के लिए -------
गीत--उठो हे जागो हे भारत की नारियों
उठो हे------जागो हे------
उठो हे जागो हे भारत की नारियों
उठो हे जागो हे भारत की नारियों
समय पुकारता तुम्हें , अस्मिता बचाने को
उठो हे -----उठो हे -----
वक़्त नहीं सोने का अपना चैन खोने का
रूठने मानाने का वक़्त नहीं रोने का
बहुत सो चुके हो तुम बहुत रो चुके हो तुम
अब जो वक़्त आया तूफान साथ लाया है
उठो हे -----उठो हे -----
अब धरा से आसमाँ की दूरियों को नाप लो
तूलिका से नित नई कल्पना उतार लो
मचा हुआ है हर तरफ मार काट शोर है
तो रहन राखी खुशियों को तुम छुड़ा चलो
उठो हे -----उठो हे -----
धरा धरा पुकारती , गगन गगन दुलारती
पवन पवन संवरती चमन चमन निहारती
गंगो जमन की शान तू हिमाला सी महान तू
तुझसे बची दुनिया में अस्तित्व है ईमान की
उठो हे -----उठो हे -----
उठो हे जागो हे भारत की नारियों
शकुंतला तरार
गीत--उठो हे जागो हे भारत की नारियों
उठो हे------जागो हे------
उठो हे जागो हे भारत की नारियों
उठो हे जागो हे भारत की नारियों
समय पुकारता तुम्हें , अस्मिता बचाने को
उठो हे -----उठो हे -----
वक़्त नहीं सोने का अपना चैन खोने का
रूठने मानाने का वक़्त नहीं रोने का
बहुत सो चुके हो तुम बहुत रो चुके हो तुम
अब जो वक़्त आया तूफान साथ लाया है
उठो हे -----उठो हे -----
अब धरा से आसमाँ की दूरियों को नाप लो
तूलिका से नित नई कल्पना उतार लो
मचा हुआ है हर तरफ मार काट शोर है
तो रहन राखी खुशियों को तुम छुड़ा चलो
उठो हे -----उठो हे -----
धरा धरा पुकारती , गगन गगन दुलारती
पवन पवन संवरती चमन चमन निहारती
गंगो जमन की शान तू हिमाला सी महान तू
तुझसे बची दुनिया में अस्तित्व है ईमान की
उठो हे -----उठो हे -----
उठो हे जागो हे भारत की नारियों
शकुंतला तरार
Thursday, February 6, 2014
आदरणीय शोभा जी ,नमस्कार ।
आपका सवाल था ''सुनंदा के बाद क्या होगा शिव का ''
दरअसल में सुनंदा और स्मिता पाटिल में बहुत ही अंतर था है और रहेगा। कारण स्मिता पाटिल को लोग उनकी मृत्यु से पूर्व और बाद में भी एक संवेदनशील, भावप्रणव, कुशल नायिका के रूप में जानते थे उसकी मृत्यु पर लोगों ने अफ़सोस भी ज़ाहिर किया था और आज भी उनकी फ़िल्में देखकर दिल में उनके लिए एक संवेदना ज़ाहिर करते हैं और स्मिता पाटिल ने आत्महत्या जैसा कायराना काम नहीं किया था हालांकि किसी अन्य महिला की गृहस्थी में दूसरी पत्नी बनकर ज़रूर आईं ---किन्तु हिंदुस्तान के समाचारों की सुर्ख़ियों में सुनंदा तब आईं जब उन्होंने मंत्री शशि थरूर से शादी की चूँकि आप जिस जगह पर हैं वहाँ से सुनंदा को एक बहुत बड़ी महिला उद्यमी के रूप में जानती रही होंगी।किन्तु हमने तो अख़बारों की सुर्ख़ियों से ही सुनंदा को जाना था ।
रही बात शिव मेनन और प्रतीक बब्बर की तो प्रती क ने अपनी माँ को देखा ही नहीं है बिन माँ के बच्चे की परवरिश लाख अच्छे से हो किन्तु वह हमेशा माता पिता के साये से वंचित ही रहा है इसलिए आज भी सफल अभिनेता और सफल राजनेता का बेटा होने के बावज़ूद संघर्ष ही कर रहा है। वहीँ शिव मेनन अभी21 वर्ष का हो चुका है बालिग है अपना भला बुरा सोचने समझने की समझदारी उसमे आ गई है। … वैसे भी हमारे यहाँ जब विवाह की उम्र21 वर्ष है वैसे भी तो उसके आगे जीने की जद्दोजहद के लिए बहुत बड़ी समस्या नहीं है क्योंकि सुनंदा दुबई के टेकम इन्वेस्टमेंट नामक निवेश कंपनी की विक्रय प्रबंधक एवं भारत आधारित रांदेवू स्पोर्ट्स वर्ल्ड की सहस्वामिनी थीं देश में गरीबी भुखमरी समस्याएं क्या कम है जो विदेश में रहने वाले धनाड्य युवा के लिए समय और दिमाग खपाएं। …।
आपका सवाल था ''सुनंदा के बाद क्या होगा शिव का ''
दरअसल में सुनंदा और स्मिता पाटिल में बहुत ही अंतर था है और रहेगा। कारण स्मिता पाटिल को लोग उनकी मृत्यु से पूर्व और बाद में भी एक संवेदनशील, भावप्रणव, कुशल नायिका के रूप में जानते थे उसकी मृत्यु पर लोगों ने अफ़सोस भी ज़ाहिर किया था और आज भी उनकी फ़िल्में देखकर दिल में उनके लिए एक संवेदना ज़ाहिर करते हैं और स्मिता पाटिल ने आत्महत्या जैसा कायराना काम नहीं किया था हालांकि किसी अन्य महिला की गृहस्थी में दूसरी पत्नी बनकर ज़रूर आईं ---किन्तु हिंदुस्तान के समाचारों की सुर्ख़ियों में सुनंदा तब आईं जब उन्होंने मंत्री शशि थरूर से शादी की चूँकि आप जिस जगह पर हैं वहाँ से सुनंदा को एक बहुत बड़ी महिला उद्यमी के रूप में जानती रही होंगी।किन्तु हमने तो अख़बारों की सुर्ख़ियों से ही सुनंदा को जाना था ।
रही बात शिव मेनन और प्रतीक बब्बर की तो प्रती क ने अपनी माँ को देखा ही नहीं है बिन माँ के बच्चे की परवरिश लाख अच्छे से हो किन्तु वह हमेशा माता पिता के साये से वंचित ही रहा है इसलिए आज भी सफल अभिनेता और सफल राजनेता का बेटा होने के बावज़ूद संघर्ष ही कर रहा है। वहीँ शिव मेनन अभी21 वर्ष का हो चुका है बालिग है अपना भला बुरा सोचने समझने की समझदारी उसमे आ गई है। … वैसे भी हमारे यहाँ जब विवाह की उम्र21 वर्ष है वैसे भी तो उसके आगे जीने की जद्दोजहद के लिए बहुत बड़ी समस्या नहीं है क्योंकि सुनंदा दुबई के टेकम इन्वेस्टमेंट नामक निवेश कंपनी की विक्रय प्रबंधक एवं भारत आधारित रांदेवू स्पोर्ट्स वर्ल्ड की सहस्वामिनी थीं देश में गरीबी भुखमरी समस्याएं क्या कम है जो विदेश में रहने वाले धनाड्य युवा के लिए समय और दिमाग खपाएं। …।
Tuesday, February 4, 2014
गीत -- माँ शारदे !
गीत --शारदे ! माँ शारदे !.... शारदे ! माँ शारदे !
हे हंस वाहिनी मात शारदे भुवन मोहिनी वर दे
शब्द सेवा की शक्ति दे माँ
कर सकूँ मैं वो भक्ति दे माँ
स्वर हो ऐसा जो गा सकूँ मैं
कह सकूँ वो वाणी दे माँ
भुवन मोहिनी वर दे.……।
ज्ञान ऐसा दे जो समग्र हो
सत्य को मेरा मन जाग्रत हो
सदा रहे माँ मन में मेरे
साधना नव स्फूर्ति दे माँ
भुवन मोहिनी वर दे। ……।
शक्ति दे माँ भक्ति दे माँ
वाणी दे स्वर राग दे माँ
ज्ञान दे विज्ञान दे माँ
समृद्धि की मुस्कान दे माँ
मर्ज़ी तेरी जो कुछ भी दे माँ
किन्तु स्नेह की छाया दे माँ
भुवन मोहिनी वर दे। ……। शकुंतला तरार
Friday, January 24, 2014
बस्तर -----गीत 2 ^^जंगली सौंदर्य**
बस्तर -----गीत 2
^^जंगली सौंदर्य**
बैलाडिला लौह अयस्क प्रोजेक्ट
ऊँचा नाम ऊँचा काम
नए नए लोग
अचानक
बस्तर में आना
उफ़!
ये जंगली सौंदर्य
परिणति
अनब्याही माँ
नाबालिग माँ ,
घरेलु काम के एवज में लुटी हुई अस्मत
दैहिक शोषण की शिकार बालाएँ
चंद टुकड़े रुपयों के
लुटी हुई अस्मत के बदले ठगी हुई मानसिकता
पुनः परिणति
दैहिक शोषकों से जबरिया ब्याह
अधिकारियों का स्थानांतरण,
तलाक,
अथवा पलायन
क्या बचा
गोद में बच्चे
तिरस्कार
उपेक्षा
परदेशियों द्वारा ठगी का शिकार
और
आज भी जारी है बदस्तूर
अधिकारियों के,
व्यापारियों के,
कुत्सित भावनाओं की ,
कुत्सित निगाहों की ,
घृणित मानसिकता की
फिर भी
वही भोलापन,
वही अल्हड़पन
और वही निर्द्वन्द्व,
निश्छल हँसी !
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